ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्यायाधीश का स्थान प्राप्त है। वह व्यक्ति को कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। माना जाता है कि जिन जातकों पर शनि की कृपा होती है, उसके जीवन में सफलता के योग बनते हैं। साथ ही सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। वहीं शनि का गोचर सभी राशियों के लिए बेहद खास होता है। शनि सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह है। धीमी गति के कारण जातक पर इसका शुभ या अशुभ प्रभाव लंबे समय तक रहता है। वर्तमान में शनि देव कुंभ में विराजमान हैं। वह 29 जून 2024 को कुंभ राशि में वक्री हुए हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार शनि अगले 5 महीने तक इसी अवस्था में रहेंगे। फिर 15 नवंबर 2024 को कुंभ राशि में ही मार्गी हो जाएंगे। वर्तमान में शनि की वक्री अवस्था है। इससे मेष, तुला और मकर राशि वालों को होने वाले लाभ के बारे में जान लेते हैं।
मेष राशि
मेष राशि के लोगों के लिए शनि वक्री का प्रभाव लाभदायक रहने वाला है। इस दौरान आपको नौकरी में लाभ मिलने की संभावना है। यही नहीं मेष राशि वाले व्यापारियों को भी लाभ होगा। हालांकि इस दौरान आपको कड़ी मेहनत भी करनी होगी, तभी फल संभव है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए शनि वक्री का प्रभाव तनाव भरा रहेगा। इस दौरान आपको धन हानि हो सकती है। कोशिश करें कि किसी वाद-विवाद जैसी स्थितियों में न पड़े। शिक्षा क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
मकर राशि
इस दौरान मकर राशि वालों को अधिक संघर्ष करने की आवश्यकता रहेगी। मकर राशि पर शनि वक्री का प्रभाव होने के कारण कारोबार और शिक्षा क्षेत्र में ये समय अधिक संघर्षकारी रहेगा।
शनि देव एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। वह मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। माना जाता है कि इस राशि के जातकों पर हमेशा शनि देव की कृपा बनी रहती है। वहीं सप्ताह में शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन दान, पुण्य और उपाय करने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है।