वेनेजुएला में राष्ट्रपति चुनाव के रिजल्ट 28 जुलाई को घोषित किए गए। निकोलस मादुरो ने तीसरी बार जीत हासिल की। मादुरो ने अपने विपक्षी उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज को हराकर 51 फीसदी वोट हासिल किए। हालांकि, विपक्ष की शानदार जीत की पूरी उम्मीद थी। मादुरो और नेशनल इलेक्टोरल अथॉरिटी के इस जीत के दावे के बाद से देश में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
28 को रिजल्ट हुए घोषित, अगले दिन मचा बवाल
सोमवार को वेनेजुएला के विभिन्न शहरों और कस्बों में प्रदर्शनकारी एक साथ सड़कों पर उतरे और इस चुनाव का जमकर विरोध किया। दोपहर के समय सड़कों पर और वेनेजुएला में नेशनल इलेक्टोरल अथॉरिटी ऑफिस के बाहर भीड़ देखी गई।
बता दें कि मादुरो 2025 से 2031 तक के लिए राष्ट्रपति बने रहेंगे। इस चुनाव को लेकर दावे किए गए है कि मादुरो ने अधिकांश वैध मतों से जीत हासिल की है। लेकिन, अमेरिका और अन्य जगहों की सरकारों ने इस रिजल्ट पर संदेह जताया है और मतों की पूरी गणना करने की मांग की।
मादुरो की जीत से नाखुश जनता
मादुरो की जीत से नाखुश जनता ने सड़कों पर चक्काजाम किया। लोग नारे लगा रहे है यह कहते हुए ‘हम इससे तंग आ चुके हैं, हम आजादी चाहते हैं, हम अपने बच्चों के लिए आजादी चाहते हैं।’ माराके शहर में मार्च देखने को मिला जहां लोगों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में बर्तन बजाए। काराकस के एल वैले इलाके में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।बता दें कि इस चुनाव का विरोध प्रदर्शन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि लोग मादुरो से परेशान हो गए है। देश के आर्थिक संकट को लेकर जनता में अंसतोष है। मादुरो लगभग 11 साल से देश की सत्ता पर राज कर रहे है, जिसे हटाने के लिए विपक्षी एकजुट हो गया है।