आस्था तो अपनी डगर चल रही है, लेकिन व्यवस्था हर मोड़ पर हिचकोले खा रही है। पुलिस-प्रशासन ने शुरुआती दौर में ही दावों की झड़ी लगाई थी कि इस बार 12 फीट से ऊंची कांवड़ को अनुमति नहीं दी जाएगी, उसके बाद भी 35 फीट ऊंची कांवड़ को रोकने में पूरी प्रशासन नाकाम रहा।
बागपत फ्लाईओवर पर आकर कांवड़ 33 हजार की विद्युत लाइन से टकरा गई। हादसे में सात कांवड़िया झुलस गए हैं। सभी को सुभारती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। तीन की हालत गंभीर बनी है। यह कांवड़िया हरिद्वार से जल उठाकर दिल्ली के हैदरपुर वापस लौटरहे थे।सोमवार को 35 फीट ऊंची कांवड़ सिवाया पारकर मोदीपुरम की ओर बढ़ी। पुलिसकर्मियों की सूचना पर 220 बिजलीघर के कर्मचारी अलर्ट हो गए। कांवड़ जब एटूजेड कॉलोनी के पास हाईटेंशन लाइन तक पहुंच रही थी। इस पर विद्युत आपूर्ति बंद की गई। किसी तरह कांवड़ को आगे के लिए निकाला गया। इस दौरान कांवड़ को संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। उसके बाद भी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने कोई कोई से सज्ञान नहीं लिया।
सुबह हाईटेंशन लाइन से टकराई
मंगलवार सुबह 10:00 बजे 20 कावड़ियों का जत्था दिल्ली की तरफ जा रहा था। बागपत फ्लाईओवर पर पहुंचकर आठ कांवड़िया शिविर में खाना खाने लगे। 14 कांवड़िया 35 फिट ऊंची कांवड़ को लेकर बागपत फ्लाईओवर पर चल रहे थे। इसी बीच कांवड़ 33 हजार की विद्युत लाइन से टकरा गई। जिससे सात कांवड़िये झुलस गए।
तत्काल वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने सभी दिल्ली हैदरपुर निवासी कावड़िया अमन, करण, सनी, मटवा, राहुल, अंकित, शिवम,आतिश, कालू, आदेश, इंदर, राजन, पारस और गुड्डू को उठाकर सुभारती मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां पर सात कांवड़ियों सुभारती में भर्ती कराया। अमन, करण, सनी कावड़िया का हालत गंभीर बनी हुई है। साथ से के बाद एसपी सिटी एसपी ट्रैफिक और एसपी क्राइम मौके पर पहुंचे और घायल कांवड़ियों का उपचार कराया।